खरौ-खरौ सब लेत हैं परखि पारखू सार
Vyas Vani — श्री हरिराम व्यास
Verse 63 of 139
व्यास भजन करिवौ करौ, भक्तनीसौं करि हेत।
यह मनसौ निस्चैं करि, वृंदावन सौ खेत॥
- श्री हरिराम व्यास, व्यास वाणी,साखी (86)
मुझे व्यास भजन करना है, भक्तों के लिए करना है. याह मनसौ निश्चय करि, वृन्दावन सौ खेत.. - श्री हरिराम व्यास, व्यास वाणी, साखी (86)