खरौ-खरौ सब लेत हैं परखि पारखू सार

Vyas Vani — श्री हरिराम व्यास

Verse 76 of 139

व्यास न तासु प्रीति करि, जाहि आपनी पीर। पर पीरक सौं प्रीति करु, दुःख सहि मेटै भीर॥ - श्री हरिराम व्यास, व्यास वाणी, सिद्धांत की साखी (116) व्यास से प्रेम मत करो, दुःख जाने दो। लेकिन मैं तुम्हें दिल से प्यार करूंगा, सारे दुख सहूंगा... - श्री हरिराम व्यास, व्यास वाणी, सिद्धांत मित्र (116)
खरौ-खरौ सब लेत हैं परखि पारखू सारखरौ-खरौ सब लेत हैं परखि पारखू सार