खरौ-खरौ सब लेत हैं परखि पारखू सार
Vyas Vani — श्री हरिराम व्यास
Verse 86 of 139
व्यास चंद आकास में, जलमें आभामंद।
जलज मंद यह क़हत हैं, जो हम सो यह चंद॥
- श्री हरिराम व्यास, व्यास वाणी, सिद्धांत की साखी (143)
मैं व्यास में छोटा हूँ, पानी में गर्व करता हूँ। मंद जल कहता है, हम जो भी हैं, ये थोड़े हैं.. - श्री हरिराम व्यास, व्यास वाणी, सिद्धांत की साखी (143)