Home
›
Ashtachhap
›
छीतस्वामी
›
बादर झूम झूम बरसन लागे
बादर झूम झूम बरसन लागे
छीतस्वामी
Pada 9
बादर झूम झूम बरसन लागे । दामिनि दमकत चोंक चमक श्याम घन की गरज सुन जागे ॥१॥ गोपी जन द्वारे ठाडी नारी नर भींजत मुख देखन कारन अनुरागे । छीतस्वामी गिरधरन श्री विट्ठल ओतप्रोत रस पागे ॥२॥
← लाल ललित ललितादिक संग लिये
हमारे श्री विट्ठल नाथ धनी →