छीतस्वामी
Ashtachhap
14 padas · Source: Kavita Kosh
- 1. आगे गाय पाछें गाय इत गाय उत गाय
- 2. सुमिर मन गोपाल लाल सुंदर अति रूप जाल
- 3. भोर भए नवकुंज सदन तें
- 4. भई अब गिरिधर सों पैहचान
- 5. भोग श्रृंगार यशोदा मैया
- 6. जय जय श्री सूरजा कलिन्द नन्दिनी
- 7. गोवर्धन की सिखर चारु पर
- 8. लाल ललित ललितादिक संग लिये
- 9. बादर झूम झूम बरसन लागे
- 10. हमारे श्री विट्ठल नाथ धनी
- 11. गुण अपार मुख एक कहाँ लों कहिये
- 12. धन्य श्री यमुने निधि देनहारी
- 13. जा मुख तें श्री यमुने यह नाम आवे
- 14. धाय के जाय जो श्री यमुना तीरे