बैठे लाल फूलन के चौवारे

कुम्भनदास

Pada 6

बैठे लाल फूलन के चौवारे । कुंतल, बकुल, मालती, चंपा, केतकी, नवल निवारे ॥ जाई, जुही, केबरौ, कूजौ, रायबेलि महँकारे । मंद समीर, कीर अति कूजत, मधुपन करत झकारे ॥ राधारमन रंग भरे क्रीड़त, नाँचत मोर अखारे । कुंभनदास गिरिधर की छवि पर, कोटिक मन्मथ वारे ॥
सीतल सदन में सीतल भोजन भयौतुम नीके दुहि जानत गैया