भक्त पर करि कृपा श्री यमुने जु ऐसी

नंददास

Pada 15

भक्त पर करि कृपा श्री यमुने जु ऐसी । छांडि निजधाम विश्राम भूतल कियो, प्रकट लीला दिखाई जु तैसी ॥१॥ परम परमारथ करत है सबन कों, देत अद्भुतरूप आप जैसी । नंददास यों जानि दृढ करि चरण गहे, एक रसना कहा कहो विसेषी ॥२॥
नेह कारन श्री यमुने प्रथम आईअरी चल दूल्हे देखन जाय