मंगल माधो नाम उचार

परमानंददास

Pada 11

मंगल माधो नाम उचार। मंगल वदन कमल कर मंगल मंगल जन की सदा संभार ॥१॥ देखत मंगल पूजत मंगल गावत मंगल चरित उदार । मंगल श्रवण कथा रस मंगल मंगल तनु वसुदेव कुमार ॥२॥ गोकुल मंगल मधुवन मंगल मंगल रुचि वृंदावन चंद । मंगल करत गोवर्धनधारी मंगल वेष यशोदा नंद॥३॥ मंगल धेनु रेणु भू मंगल मंगल मधुर बजावत बेन। मंगल गोप वधू परिरंभण मंगल कालिंदी पय फेन ॥४॥ मंगल चरण कमल मुनि वंदित मंगल की रति जगत निवास । अनुदिन मंगल ध्यान धरत मुनि मंगल मति परमानंद दास ॥५॥
माई मीठे हरि जू के बोलनायह प्रसाद हों पाऊं श्री यमुना जी