यह मांगो गोपीजन वल्लभ

परमानंददास

Pada 8

यह मांगो गोपीजन वल्लभ । मानुस जन्म और हरि सेवा, ब्रज बसिबो दीजे मोही सुल्लभ ॥१॥ श्री वल्लभ कुल को हों चेरो,वल्लभ जन को दास कहाऊं । श्री जमुना जल नित प्रति न्हाऊं, मन वच कर्म कृष्ण रस गुन गाऊं ॥२॥ श्री भागवत श्रवन सुनो नित, इन तजि हित कहूं अनत ना लाऊं । ‘परमानंद दास’ यह मांगत, नित निरखों कबहूं न अघाऊं ॥३॥
पतंग की गुडी उडावन लागे व्रजबालआज दधि मीठो मदन गोपाल