आज दधि मीठो मदन गोपाल

परमानंददास

Pada 9

आज दधि मीठो मदन गोपाल । भावे मोही तुम्हारो झूठो, सुन्दर नयन विशाल ॥ बहुत दिवस हम रहे कुमुदवन, कृष्ण तिहारे साथ । एसो स्वाद हम कबहू न देख्यो सुन गोकुल के नाथ ॥ आन पत्र लगाए दोना, दीये सबहिन बाँट । जिन नही पायो सुन रे भैया, मेरी हथेली चाट ॥ आपुन हँसत हँसावत औरन, मानो लीला रूप । परमानंद प्रभु इन जानत हों, तुम त्रिभुवन के भूप॥
यह मांगो गोपीजन वल्लभमाई मीठे हरि जू के बोलना