काहू को बस नाहिं तुम्हारी कृपा तें

Swami Haridas

Pada 13

काहू को बस नाहिं तुम्हारी कृपा तें, सब होय बिहारी बिहारिनि। और मिथ्या प्रपंच काहेको भाषियै, सो तो है हारनि॥१॥ जाहि तुमसों हित ताहि तुम हित करौ, सब सुख कारनि। श्रीहरिदासके स्वामी स्यामा कुंजबिहारी, प्राननिके आधारनि॥२॥
हरि के नाम को आलस क्यों करत है रेहित तौ कीजै कमलनैन सों