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स्वामी हरिदास
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पद 8
डोल झूले श्याम श्याम सहेली
Swami Haridas
Pada 8
डोल झूले श्याम श्याम सहेली। राजत नवकुंज वृंदावन विहरत गर्व गहेली॥१॥ कबहुंक प्रीतम रचक झुलावत कबहु नवल प्रिय हेली। हरिदास के स्वामी श्यामा कुंजबिहारी सुंदर देखे द्रुमवेली॥२॥
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