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स्वामी हरिदास
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पद 9
गहौ मन सब रसको रस सार
Swami Haridas
Pada 9
गहौ मन सब रसको रस सार। लोक बेद कुल करमै तजिये, भजिये नित्य बिहार॥ गृह कामिनि कंचन धन त्यागौ, सुमिरौ स्याम उदार। कहि हरिदास रीति संतनकी, गादीको अधिकार॥
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