राधा नाम को आधार
Abhilash Madhuri — श्री ललित किशोरी देव
Verse 112 of 115
वृन्दावन को जाना हेली, वृन्दावन को जाना है ।
ललित किशोरी ने दृढ़ कर अब ये ही मन में ठाना है॥
- श्री ललित किशोरी, अभिलाष माधुरी, विनय (२८८)
वृन्दावन जाना है, वृन्दावन जाना है। ललित किशोरी ने अब मन में यह निश्चय कर लिया है.. - श्री ललित किशोरी, अभिलाष माधुरी, विनय (288)