राधा नाम को आधार
Abhilash Madhuri — श्री ललित किशोरी देव
Verse 44 of 115
मोर कोर दृग देखिये, ललितकिशोरि पाँहिं।
कौन कचौने डारिये, श्रीवृंदावन माहिं॥
- श्री ललित किशोरी, अभिलाष माधुरी, विनय श्रृंगार शतक (94)
कोर ड्रिग, ललित किशोरी पनहिन को भी देखें। श्री वृन्दावन माही से कौन डरता है.. - श्री ललित किशोरी, अभिलाष माधुरी, विनय श्रृंगार शतक (94)