राधा नाम को आधार
Abhilash Madhuri — श्री ललित किशोरी देव
Verse 68 of 115
एक नहीं मानेंगे अब, हम वृन्दावन जावेंगे।
ललित किशोरी कौन कचोने, परे कुञ्ज गुन गावेंगे॥
- श्री ललित किशोरी, अभिलाष माधुरी, विनय (289)
अब हम नहीं मानेंगे, हम वृन्दावन जायेंगे। ललित किशोरी तुम जो कहो हम कुंज कुंज में गाएँगे.. - श्री ललित किशोरी, अभिलाष माधुरी, विनय (289)