राधा नाम को आधार
Abhilash Madhuri — श्री ललित किशोरी देव
Verse 70 of 115
श्यामा पग लवलीन हो, उन्हीं के हाथ विकाय ।
- श्री ललित किशोरी, अभिलाष माधुरी, विनय (२३६.२)
श्यामा के चरण प्रेम से भरे हैं, वे उसके हाथों में हैं। - श्री ललित किशोरी, अभिलाष माधुरी, विनय (236.2) श्रीकृष्ण, प्रेमियों के मुखिया, रसिकशेखर, स्वयं को उन लोगों को बेचते हैं जो श्री राधा के चरणों में भक्ति में लीन हैं।