राधा नाम को आधार
Abhilash Madhuri — श्री ललित किशोरी देव
Verse 71 of 115
आठों याम वसे उर नैनन ललित माधुरी जोरी जू,
अब तो यहै कृपा करि दीजै, अहो स्वामिनी मोरी जू॥
- श्री ललित किशोरी, अभिलाष माधुरी, विनय (१७५)
एथों यम वासे उर नैनन ललित मधुरी जोरि जू, अब कृपा करो हे स्वामिनी मोरी जू.. - श्री ललित किशोरी, अभिलाष माधुरी, विनय (175)