राधा नाम को आधार
Abhilash Madhuri — श्री ललित किशोरी देव
Verse 73 of 115
अहो लड़ैती प्राण प्यारी श्रीवन कबै बसावोगी,
रसिकराय प्रीतम संग राधे मधुरी तान सुनावोगी॥
- श्री ललित किशोरी, अभिलाष माधुरी, विनय (८३)
ओह लड़ैती प्राण प्यारी श्रीवन कबै बसावोगी, रसिकराय प्रीतम संग राधे मधुरी तन सुनावोगी.. - श्री ललित किशोरी, अभिलाष माधुरी, विनय (83)