राधा नाम को आधार
Abhilash Madhuri — श्री ललित किशोरी देव
Verse 92 of 115
नीको लगे राधावर प्यारो।
मोर मुकुट पियरो पटुका है, लकुटी कर मतवारो॥ [1]
रोकत गैल छैल अलबेलो, नटवर वेष संवारो।
ललित किशोरी मोहन रसिया, जीवन प्राण हमारो॥ [2]
- श्री ललित किशोरी, अभिलाष माधुरी
निको लागे राधावर प्यारे। प्रेम का मुकुट है मोर, आओ मतवाला बनाओ.. [1] रोकत गेल छैल अलबेलो, भेष धरे नटवर। ललित किशोरी मोहन रसिया, जीवन प्राण हमारो.. [2] - श्री ललित किशोरी, अभिलाष माधुरी