नारायण दुख सुख उभै

Anurag Ras — श्री नारायण स्वामी

Verse 100 of 106

कोऊ नहीं अपनो सगो, बिन राधा गोपाल। नारायण तू वृथा मति, परै जगत के जाल॥ - श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (50) कुओ नहीं आपनो सगो, बिन राधा गोपाल। नारायण तुम बेकार हो, परलोक के जल.. - श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (50)
नारायण दुख सुख उभैनारायण दुख सुख उभै