नारायण दुख सुख उभै
Anurag Ras — श्री नारायण स्वामी
Verse 99 of 106
गुण मन्दिर सुंदर युगल, मंगल मोदनिधान।
नारायण निज चरण रति, यह दीजैं वरदान॥
- श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (184)
गुना मंदिर सुंदर युगल मंगल मोदनिधान। नारायण के चरण, ये भगवान के आशीर्वाद हैं.. - श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (184)