नारायण दुख सुख उभै

Anurag Ras — श्री नारायण स्वामी

Verse 104 of 106

प्रेम सहित अँसुवन भरें, धरे युगल को ध्यान। नारायण ता भक्त को, जग़ में दुर्लभ जान॥ - श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (144) आँसुओं को प्यार से भरें, जोड़े पर ध्यान दें। नारायण तन भक्त संसार में दुर्लभ है.. - श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (144)
नारायण मन में बसी लोक लाज कुलकाननारायण दुख सुख उभै