नारायण दुख सुख उभै

Anurag Ras — श्री नारायण स्वामी

Verse 13 of 106

नारायण तू भजन कर, कहा करेंगे कूर। स्तुति अरु निन्दा जगत के, दोउन के शिर धूर॥ - श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (27) नारायण, तुम तो भजन करते हो, और कहाँ भजन करोगे? जगत की स्तुति और निंदा, जगत के मुखिया.. - श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (27)
नारायण दुख सुख उभैनारायण दुख सुख उभै