नारायण दुख सुख उभै

Anurag Ras — श्री नारायण स्वामी

Verse 15 of 106

मान बड़ाई ईर्ष्या, मन मे भरीं अनेक। नारायण साधू बने, देखो अचरज एक॥ - श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (31) मन में बहुत ईर्ष्या है, मन में बहुत ईर्ष्या है। नारायण मुनि हो गए, देखो अद्भुत.. - श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (31)
नारायण दुख सुख उभैनारायण दुख सुख उभै