नारायण दुख सुख उभै

Anurag Ras — श्री नारायण स्वामी

Verse 16 of 106

तेरे भावे कछु करौ, भलो बुरो संसार। नारायण तू बैठि के, अपनो भवन बुहार॥ - श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (32) तुम जो कहो, दुष्ट जगत को प्रसन्न करो। नारायण तुम यहीं बैठो, अपना घर सजाओ.. - श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (32)
नारायण दुख सुख उभैनारायण दुख सुख उभै