नारायण दुख सुख उभै
Anurag Ras — श्री नारायण स्वामी
Verse 19 of 106
तनक बड़ाई पाय के, मन में अधिक गरूर।
नारायण जिन बैठ मग, साहब को घर दूर॥
- श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (35)
अधिक डींगे हांकने से मन में अहंकार और भी अधिक बढ़ जाता है। नारायण जिन बैठ मग, साहेब घर से दूर.. - श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (35)