नारायण दुख सुख उभै

Anurag Ras — श्री नारायण स्वामी

Verse 33 of 106

विद्यावन्त स्वरूप गुण, सुत दारा सूख भोग। नारायण हरि भक्ति बिन, यह सबही हैं रोग॥ - श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (53) विद्यावंत स्वरूप गुण, सुत दारा सुख भोग। नारायण हरि की भक्ति के बिना ये सब रोग हैं.. - श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (53)
नारायण दुख सुख उभैनारायण दुख सुख उभै