नारायण दुख सुख उभै

Anurag Ras — श्री नारायण स्वामी

Verse 34 of 106

संत सभा झांकी नहीं, कियो न हरिगुण गान। नारायण फिर कौन विधि, तू चाहत कल्यान॥ - श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (55) सन्त सभा न झाँके, क्यों न झाँके, हरिगुण गण। नारायण, फिर आप किस विधि से कल्याण चाहते हैं? - श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (55)
नारायण दुख सुख उभैनारायण दुख सुख उभै