नारायण दुख सुख उभै

Anurag Ras — श्री नारायण स्वामी

Verse 5 of 106

नारायण सुख भोग में, तू लम्पट दिन रैन। अंतसमय आयो निकट, देख खोलके नैन॥ - श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (10) नारायण तो सुख भोगने वाले पुरुष हैं, तुम तो दीन हीन हो। अंत समय निकट है, आँखें खोलो और देखो.. - श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (10)
नारायण दुख सुख उभैनारायण दुख सुख उभै