नारायण दुख सुख उभै
Anurag Ras — श्री नारायण स्वामी
Verse 64 of 106
लगन लगन सबही कहें, लगन कहावे सोय।
नारायण जा लगन में, तन मन दीजे खोय॥
- श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (134)
हर कोई कहता है समर्पण, हर कोई कहता है नहीं। नारायण जा लगन मन, तन मन दीजे खोय.. - श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (134)