नारायण दुख सुख उभै

Anurag Ras — श्री नारायण स्वामी

Verse 69 of 106

नारायण या डगर में, कोउ चलत है बीर। पग पग में बरछी लगै, श्वास श्वास में तीर॥ - श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (138) नारायण या डागर पुरुष, कू चलता बीर। हर कदम में भाला, हर सांस में तीर.. - श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (138)
नारायण दुख सुख उभैनारायण दुख सुख उभै