नारायण दुख सुख उभै

Anurag Ras — श्री नारायण स्वामी

Verse 70 of 106

वर्णाश्रम उरझे कोऊ, विधि निषेध व्रत नेम। नारायण बिरले लखें, जिन मिलि उपजे प्रेम॥ - श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (140) वर्णाश्रम उराजे कुओ, विधि निषेध व्रत नाम। लाखों नारायण दुर्लभ हैं, जो मिलते हैं उनसे प्रेम पैदा होता है.. - श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (140)
नारायण दुख सुख उभैनारायण दुख सुख उभै