नारायण दुख सुख उभै

Anurag Ras — श्री नारायण स्वामी

Verse 80 of 106

नन्दलाल दशरथ सुवन, उभय एक सरकार। नारायण जो दो कहैं, ते नर विना बिचार॥ (151) नारायण सब एक हैं, रंग रूप तिल रेख। उनके दृग गम्भीर हैं, इनके चपल विशेष॥ (152) - श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (151, 152) नंदलाल दशरथ सुवन, उभय एक सरकार। नारायण कुछ भी कहें, वह निडर आदमी हैं। (151) रंग से रूप और रेखा तक, नारायण सब एक ही हैं। उनकी चाल गंभीर है, उनकी चाल विशेष है.. (152) - श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (151, 152)
नारायण दुख सुख उभैनारायण दुख सुख उभै