नारायण दुख सुख उभै

Anurag Ras — श्री नारायण स्वामी

Verse 83 of 106

है न्यारो सब पंथ ते प्रेम पंथ अभिराम। नारायण यामें चलत, वेगि मिलै पिय धाम॥ - श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (156) है न्यारो सब पंथ ते प्रेम पंथ अभिराम। नारायण यमेन चलत, वेगि मिलै पिया धाम.. - श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (156)
नारायण दुख सुख उभैनारायण दुख सुख उभै