नारायण दुख सुख उभै
Anurag Ras — श्री नारायण स्वामी
Verse 92 of 106
गुण गावै गोपाल के, भरि लावै दृग नीर।
नारायण नहीं कल परै, बिन देखे बलबीर॥
- श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (171)
बहता जल गोपाल के गायन से भर गया। नहीं नारायण, बलबीर देखे बिना, कल पराया है.. - श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (171)