नारायण दुख सुख उभै

Anurag Ras — श्री नारायण स्वामी

Verse 97 of 106

नारायण जिनके ह्रदय, प्रीति लगी घन श्याम। जाति पांति कुल सों गये, रहे न काहू काम॥ - श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (176) नारायण जिनका हृदय प्रेम से भरा है, घन श्याम। सो गए जाति-कुल, बाकी न रहा कोई काम.. - श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (176)
नारायण दुख सुख उभैनारायण दुख सुख उभै