वृन्दाविपिन प्रणाम करि
Bayalis Leela — श्री ध्रुवदास
Verse 131 of 268
बाहाँ जोरी चलत दोउ, रसिक लाड़िली लाल।
देखौ ऐसी भाँती छबि, चितवनि नैन विसाल॥
- श्री ध्रुवदास, बयालीस लीला, मन शिक्षा (59)
प्रिय महिला, जहाँ तक मैं जा सकूँ मुझे जाने दो। इस छवि को ऐसे देखें, चेतावनी देने वाली आंखें बड़ी हैं.. - श्री ध्रुवदास, बयालिस लीला, मन शिक्षा (59)