वृन्दाविपिन प्रणाम करि

Bayalis Leela — श्री ध्रुवदास

Verse 137 of 268

बसिबौ वन्दाविपिन कौ, जिहि तिहि विधि दृढ़ होई। नहिं चूकै ऐसौ समौ, जतन कीजिए सोई॥ - श्री ध्रुवदास, बयालीस लीला, वृन्दावन शत लीला (61) बसिबौ वंदाविपिन कौ, जहां विधि स्थापित है। मैंने अपने पिछले कुछ रुपये नहीं चुकाए हैं, कृपया सोने का प्रयास करें.. - श्री ध्रुवदास, ब्यालास लीला, वृन्दावन शत लीला (61)
वृन्दाविपिन प्रणाम करिआज सखि निरख रूप भरि नैन