अतिहिं लालची लाल पिय

Bayalis Leela — श्री ध्रुवदास

Verse 148 of 268

निसि दिन तौ जाँचत रहौ, वृन्दावन रस-रैन। छिन-छिन दंपति छबि छटा, छाइ रहौ 'ध्रुव' नैन॥ - श्री ध्रुवदास, ब्यालीस लीला, प्रेम लता (68) सदा प्रसन्न रहो, वृन्दावन रस-रंग। छीनी जोड़ी की छवि सुन्दर, छः ध्रुव नयन.. - श्री ध्रुवदास, बयालिस लीला, प्रेम लता (68)
गरजनि घन अरु दामिनीवृन्दाविपिन प्रणाम करि