अतिहिं लालची लाल पिय
Bayalis Leela — श्री ध्रुवदास
Verse 152 of 268
अनुरागे जिनके भजन, युगल किसोर-विहार।
तिन रसिकनि की चरन रज, लै-लै 'ध्रुव' सिर धार॥
- श्री ध्रुवदास, बयालीस लीला, अनुराग लता (70)
अनुरागे जिनके भजन, युगल किसोरा-विहार। तीन रसिकनि चरण चमके, लै-लै 'ध्रुव' सर धार.. - श्री ध्रुवदास, बयालिस लीला, अनुराग लता (70)