वृन्दाविपिन प्रणाम करि
Bayalis Leela — श्री ध्रुवदास
Verse 163 of 268
वृन्दाविपिन प्रणाम करि, वृन्दावन सुख खान।
जो चाहत विश्राम ध्रुव, वृन्दावन पहिचान॥
- श्री ध्रुवदास जी, बयालीस लीला, वृन्दावन शत लीला (80)
वृन्दाविपिन प्रणाम करि, वृन्दावन सुख खाँ। जो विश्राम चाहते हैं, ध्रुव, वृन्दावन पहचान.. - श्री ध्रुवदास जी, बयालीस लीला, वृन्दावन शत लीला (80)