वृन्दाविपिन प्रणाम करि

Bayalis Leela — श्री ध्रुवदास

Verse 164 of 268

पाइ रतन चीन्हौं नहीं, दीन्हों कर तें डार। यह माया श्री कृष्ण की, मौह्यौ सब संसार॥ - श्री ध्रुवदास, बयालीस लीला, वृन्दावन शत लीला (82) तेरे पैरों में निशान नहीं, तू गरीबों से डरता है। श्री कृष्ण की ये माया, मुझमें है सारा संसार.. - श्री ध्रुवदास, बयालिस लीला, वृन्दावन शत लीला (82)
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