वृन्दाविपिन प्रणाम करि

Bayalis Leela — श्री ध्रुवदास

Verse 18 of 268

हरिवंश चरण उर धरनि धरि, मन वच कै विस्वास। कुँवरि कृपा ह्वै है तबहि, अरु वृन्दावन वास॥ - श्री ध्रुवदास, बयालीस लीला, वृन्दावन शत लीला (8) हरिवंश के चरण आपकी धरती पर हैं, विश्वास आपके मन में है। जब कन्या की कृपा होती है तभी अरु वृन्दावन वास करता है.. - श्री ध्रुवदास, बयालिस लीला, वृन्दावन शत लीला (8)
वृन्दाविपिन प्रणाम करिराजति कुँवरि परम सुकुवाँरी