वृन्दाविपिन प्रणाम करि

Bayalis Leela — श्री ध्रुवदास

Verse 195 of 268

सहज विराजत एक रस, वृंदावन निज धाम। ललितादिक सखियन सहित, क्रीडत स्यामास्याम॥ - श्री ध्रुवदास, बयालीस लीला, वृन्दावन शत लीला (108) सुखदायक सुखदायक धाम निज धाम वृन्दावन। क्रीदत संयम सहित ललितादिक सखियां.. - श्री ध्रुवदास, बयालिस लीला, वृन्दावन शत लीला (108)
वृन्दाविपिन प्रणाम करिवृन्दाविपिन प्रणाम करि