वृन्दाविपिन प्रणाम करि
Bayalis Leela — श्री ध्रुवदास
Verse 199 of 268
एक बार जिनि नाम लिये, हित सौं ह्वै अति दीन।
ताकौ संग न छाँड़िही, 'ध्रुव' अपनौ करि लीन ॥
- श्री हित ध्रुवदास, बयालीस लीला, भक्त नामावली (112)
एक बार जिनी का नाम ले लोगे तो बहुत देर हो जायेगी. ताकौ संग न छंदइहि, 'ध्रुव' अपनौ करि लिन.. - श्री हित ध्रुवदास, बयालिस लीला, भक्त नामावली (112)