वृन्दाविपिन प्रणाम करि

Bayalis Leela — श्री ध्रुवदास

Verse 20 of 268

प्रिया चरन बल जानि कै, बाढ्यौ हियैं हुलास। तेई उर में आनि हैं, वृंदाविपिन प्रकास॥ - श्री ध्रुवदास, बयालीस लीला, वृन्दावन शत लीला (9) प्रिया चरण बल जानि कै, बधायौ हियैन हुलास। टाई उर में आनी है, वृन्दाविपिन प्रकाश.. - श्री ध्रुवदास, बयालिस लीला, वृन्दावन शत लीला (9)
राजति कुँवरि परम सुकुवाँरीवृन्दाविपिन प्रणाम करि