वृन्दाविपिन प्रणाम करि

Bayalis Leela — श्री ध्रुवदास

Verse 21 of 268

कुँवरि किशोरी लाड़ली, करूणा निधि सुकुमारी। वरणों वृंदा विपिन कौं, तिनके चरन सँभारि॥ - श्री ध्रुवदास, बयालीस लीला, वृन्दावन शत लीला (10) अविवाहित किशोर प्रियतमा, करुणा निधि सुकुमारी। वह कौन है जो वृंदा विपिन की चिंता करता है? - श्री ध्रुवदास, बयालीस लीला, वृन्दावन शत लीला (10)
वृन्दाविपिन प्रणाम करिवृन्दाविपिन प्रणाम करि