वृन्दाविपिन प्रणाम करि

Bayalis Leela — श्री ध्रुवदास

Verse 251 of 268

सकल आयु सत कर्म में, जो पै बितई होई। भक्तनि कौ अपराध इक, डारत छिन में खोई॥ - श्री ध्रुवदास, बयालीस लीला, भजनशत (95) जो व्यक्ति अच्छे कर्म करता है उसकी कुल आयु लंबी होती है। जो भक्त का अपराध है, वह छीनने में खो जाता है.. - श्री ध्रुवदास, बयालिस लीला, भजनाशत् (95)
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