वृन्दाविपिन प्रणाम करि

Bayalis Leela — श्री ध्रुवदास

Verse 255 of 268

श्री प्रिया वदन छबि चंद मनौं, प्रीतम नैंन चकोर। प्रेम सुधा रस माधुरी, पान करत निसि भोर॥ - श्री ध्रुवदास, बयालीस लीला, युगल ध्यान (1) श्री प्रिया वदन छबि चंद मनौं, प्रीतम नैनन चकोर। प्रेम सुधा रस मधुरि, पान करत निसि भोर.. - श्री ध्रुवदास, बयालिस लीला, युगल ध्यान (1)
वृन्दाविपिन प्रणाम करिवृन्दाविपिन प्रणाम करि